ग्रहों के लिए आयुर्वेदिक औषधि

आपका भाग्य बदल देंगे यह सरल उपाय ज्योतिष में ग्रहों के अनुसार जड़ों और वनस्पतियों को विभक्त किया गया है. शारदा तिलक इस उपाय का उल्लेख मिलता है सभी ग्रहों का अलग-अलग पेड़ों से सीधा संबंध होता है। अत: इन पेड़ों की जड़ों को धारण करने मात्र से अशुभ ग्रहों के प्रभाव नष्ट हो जाएंगे और धन संबंधी परेशानियां दूर होने लगेंगी। साथ ही पैसा प्राप्त करने में जो रुकावटें आ रही हैं वे भी दूर होने लगेंगी।ज्योतिष एक विज्ञान है जो जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के अचूक उपाय भी बताता है।आप इन पेड़ों की जड़ पहनें, हो जाएंगे मालामाल इसका प्रयोग निसंकोच किसी भी जड़ी-बूटी की दुकान से खरीद कर कर सकते हैं।

1- सूर्य-- बेलपत्र की जड़ गुलाबी धागे में बांध कर रविवार को धारण करें। मंत्र"ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"(७०००) मंत्र का जाप करें.
2- चन्द्रमा-- खिरनी की जड़ सफ़ेद धागे में बांध कर सोमवार को धारण करें। ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः..११००० मंत्र का जाप करें.
3- मंगल-- अनंतमूल की जड़ indian sarsaparilla root  या खैर की जड़ को लाल कपडे में बांध कर लाल धागे के प्रयोग से गले में मंगलवार को धारण करे। ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः१०००० मंत्र का जाप करें.
4- बुध-- बुध ग्रह की शुभता प्राप्त करने के लिए विधारा (आंधीझाड़ा) Argyreia nervosa ; अंग्रेजी:Elephant Creeper की जड़ हरे धागे में पहने।"ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः"   १९००० मंत्र का जाप करें.
5- गुरु-- गुरु के लिए केले की जड़, शुद्ध और ताजी हल्दी Turmeric की गाँठ को पीले कपडे में बांध कर पीले धागे की सहायता से गुरूवार को धारण करें।"ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः"१६००० मंत्र का जाप करें.
6- शुक्र-- गुलर की जड़, सरपोंखा की जड़ को सफ़ेद रेशमी कपडे में बांध कर सफ़ेद धागे की सहायता से गले में शुक्रवार को धारण करें।"ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः" मंत्र का जाप करें.
7- शनि-- शमी की जड़, बिच्छू या बिच्छौल की घांस को नीले कपडे में बांध कर नीले धागे से शनिवार को धारण करें। ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः ".२३००० बार मंत्र का जाप करें.
8- राहू-- सफ़ेद चन्दन Santalum album का टुकड़ा नीले धागे में बांध कर बुधवार को धारण करें।" ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः".१८००० मंत्र का जाप करें.
9- केतु-- अश्वगंधा  की जड़ नीले धागे में बांध कर गुरुवार को धारण करें।" ॐ    स्रां स्रीं स्रौँ सः केतवे नमः".१७००० मंत्र का जाप करें.